PM-Kisan की 22वीं किस्त जारी, 23वीं किस्त के लिए ये है संभावित तारीख
देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। नरेन्द्र मोदी, प्रधानमंत्री
ने 13 मार्च 2026 को गुवाहाटी, असम से PM-Kisan सम्मान निधि की 22वीं किस्त जारी कर दी है। इस कदम का सीधा असर उन किसानों की जेब पर पड़ेगा जो खेती-बाड़ी के लिए बीज और खाद जैसे जरूरी सामानों के लिए इस आर्थिक मदद पर निर्भर रहते हैं। अब सबकी नजरें अगली किस्त पर हैं, जिसके जुलाई-अगस्त 2026 तक आने की उम्मीद जताई जा रही है।दरअसल, यह योजना केवल पैसों का लेन-देन नहीं है, बल्कि खेती की लागत को कम करने का एक जरिया है। लेकिन यहाँ एक पेंच है—अगर आपका ई-केवाईसी (e-KYC) अधूरा है, तो आपकी किस्त अटक सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि बिना आधार कार्ड और ई-केवाईसी के कोई भी किसान इस लाभ से वंचित रह सकता है। (सोचिए, सिर्फ एक कागजी कार्रवाई की वजह से आपकी मेहनत की कमाई रुक जाए, तो कितना बुरा लगेगा!)
अगली किस्त कब आएगी? जानिए संभावित समयसीमा
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि 23वीं किस्त कब आएगी? हालांकि भारत सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन अगर हम पिछले पैटर्न को देखें तो एक बात साफ है। यह योजना एक चक्र (cycle) पर काम करती है, जिसमें हर चार महीने में 2,000 रुपये दिए जाते हैं।
विशेषज्ञों और सूत्रों का मानना है कि अगली किस्त जुलाई से अगस्त 2026 के बीच जारी की जा सकती है। यह चक्र आमतौर पर अप्रैल-जुलाई, अगस्त-नवंबर और दिसंबर-मार्च के अंतराल में चलता है। अब तक इस योजना के जरिए 19 किस्तों में कुल 3.69 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं, जो इस स्कीम की व्यापकता को दर्शाता है।
शिवराज सिंह चौहान का 'मिशन मोड' और जमीनी तैयारी
इस योजना को केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित न रखकर इसे एक जन-आंदोलन बनाने की कोशिश की गई है। शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
ने इस पूरी प्रक्रिया को एक उत्सव की तरह मनाने पर जोर दिया है। उन्होंने 30 जुलाई 2025 को एक उच्च स्तरीय बैठक की थी, जिसमें देश भर के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के निदेशकों और कृषि विश्वविद्यालयों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया।मंत्री जी का मानना है कि जब तक जानकारी गांव की अंतिम चौखट तक नहीं पहुंचेगी, तब तक योजना का असली लाभ नहीं मिलेगा। इसके लिए उन्होंने एक खास रणनीति तैयार की है। उन्होंने 'ड्रोन दीदी', 'कृषि सखी' और 'बीमा सखी' जैसे जमीनी कार्यकर्ताओं को इस मुहिम से जोड़ने का निर्देश दिया है। इसका मकसद यह है कि किसान को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि जानकारी उनके घर तक पहुंचे।
किस्त पाने के लिए क्या करना होगा? जरूरी शर्तें
अगर आप भी इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो कुछ बुनियादी शर्तें हैं जिन्हें पूरा करना अनिवार्य है। बिना इनके, आपके खाते में पैसे नहीं आएंगे। यहाँ मुख्य बातों की सूची दी गई है:
- आधार कार्ड: आपका आधार कार्ड अपडेटेड होना चाहिए और बैंक खाते से लिंक होना चाहिए।
- ई-केवाईसी (e-KYC): पीएम-किसान पोर्टल पर ओटीपी-आधारित ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है।
- पंजीकरण: यदि आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
- डीबीटी (DBT): पैसा सीधे आपके बैंक खाते में 'Direct Benefit Transfer' के जरिए आता है, इसलिए बैंक विवरण सही रखें।
अगर आपको कोई समस्या आ रही है, तो सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 जारी किए हैं। बस एक कॉल करें और अपनी समस्या का समाधान पाएं।
योजना का व्यापक प्रभाव और भविष्य की दिशा
यह योजना महज 6,000 रुपये सालाना की मदद नहीं है, बल्कि यह किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाने की एक कोशिश है। जब किसान के पास समय पर कुछ पैसे होते हैं, तो वह बेहतर गुणवत्ता वाले बीज खरीद सकता है। 2 अगस्त 2025 को वाराणसी से जारी की गई 20वीं किस्त में लगभग 9.7 करोड़ पात्र किसानों को 20,500 करोड़ रुपये भेजे गए थे। यह आंकड़ा दिखाता है कि योजना का दायरा कितना बड़ा है।
आने वाले समय में सरकार इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने वाली है। कृषि विज्ञान केंद्रों और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों से जोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में हम देखेंगे कि कैसे डिजिटल साक्षरता के जरिए किसान खुद अपनी पात्रता की जांच कर सकेंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
पीएम-किसान की 23वीं किस्त कब आने की उम्मीद है?
हालांकि सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक तारीख नहीं बताई है, लेकिन पिछले रिकॉर्ड के अनुसार 23वीं किस्त जुलाई-अगस्त 2026 के बीच जारी होने की प्रबल संभावना है।
यदि मेरी किस्त नहीं आई है, तो मुझे क्या करना चाहिए?
सबसे पहले यह जांचें कि आपका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा है या नहीं। यदि ई-केवाईसी अधूरा है, तो पीएम-किसान पोर्टल पर जाकर इसे पूरा करें। आप हेल्पलाइन नंबर 155261 पर भी कॉल कर सकते हैं।
पीएम-किसान योजना के तहत सालाना कितनी राशि मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति वर्ष कुल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे 2,000-2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में हर चार महीने पर बांटा जाता है।
क्या ई-केवाईसी करना अनिवार्य है?
हाँ, यह पूरी तरह अनिवार्य है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों का ई-केवाईसी पूरा नहीं होगा, उनके खातों में अगली किस्तों का पैसा ट्रांसफर नहीं किया जाएगा।
इस योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कैसे करें?
किसान पीएम-किसान सम्मान निधि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकते हैं।
17 टिप्पणि
Arun Prasath
अप्रैल 23 2026DBT का उपयोग करके लीकेज को काफी हद तक कम किया गया है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि सभी लाभार्थी अपनी लैंड रिकॉर्डिंग और बैंक सीडिंग को समय पर अपडेट रखें ताकि भुगतान में कोई बाधा न आए।
Anirban Das
अप्रैल 24 2026फिर वही ई-केवाईसी का झंझट 🙄
Anamika Goyal
अप्रैल 25 2026यह जानकर बहुत खुशी हुई कि किसानों को समय पर मदद मिल रही है। अगर हम सब मिलकर अपने आस-पास के उन बुजुर्ग किसानों की मदद करें जिन्हें तकनीक की समझ नहीं है, तो कोई भी इस लाभ से वंचित नहीं रहेगा। यह एक बेहतरीन पहल है।
Senthilkumar Vedagiri
अप्रैल 25 2026सब नाटक है भाई! ये डेटा लेने के बहाने ई-केवाईसी करवा रहे हैं ताकि सब पर नजर रख सकें... असली खेल तो कहीं और चल रहा है 🙄
SAURABH PATHAK
अप्रैल 27 2026भाई देखो, अगर पोर्टल पर ओटीपी नहीं आ रहा है तो इसका मतलब है कि तुम्हारा मोबाइल नंबर लिंक नहीं है। सीधे सीएससी सेंटर जाओ और वहां से करवाओ, घर बैठे टाइम पास मत करो।
Priyank Prakash
अप्रैल 27 2026अरे यार!! मेरी तो पिछली किस्त ही नहीं आई थी और अब ये 23वीं की बातें कर रहे हैं! क्या मुसीबत है ये! 😭 एकदम सिरदर्द हो गया है इन सरकारी कागजों से!
Prathamesh Shrikhande
अप्रैल 28 2026बेचारे किसान भाई कितना संघर्ष करते हैं 🌾 उम्मीद है कि सबको समय पर पैसा मिल जाए ❤️
vipul gangwar
अप्रैल 29 2026सही है, बस उम्मीद यही है कि ये पैसा वाकई उन तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
Anil Kapoor
अप्रैल 30 20266000 रुपये साल के देने से क्या खेती बदल जाएगी? यह सिर्फ एक छोटा सा चुनावी स्टंट है। असली समस्या खाद और बीजों की बढ़ती कीमतों की है, जिस पर कोई बात नहीं कर रहा।
Kartik Shetty
मई 2 2026अर्थशास्त्र के नजरिए से देखा जाए तो यह केवल एक मामूली सब्सिडी है जिसका दीर्घकालिक प्रभाव शून्य है
Sharath Narla
मई 2 2026डिजिटल इंडिया का दौर है, अब किसान भी लैपटॉप चलाएंगे क्या? चलो देखते हैं ये ड्रोन दीदी वाला प्लान कितना चलता है।
saravanan saran
मई 4 2026यह सब एक बड़े चक्र का हिस्सा है। धीरे-धीरे समाज बदल रहा है और खेती की पारंपरिक पद्धतियों में तकनीक का समावेश अनिवार्य हो गया है। शांति से इस बदलाव को स्वीकार करना चाहिए।
shrishti bharuka
मई 4 2026वाह! क्या शानदार योजना है, बस केवाईसी का ऐसा जाल बिछाया है कि आधा किसान तो पोर्टल ढूंढते हुए ही थक जाएगा। बहुत ही 'कुशल' प्रबंधन है।
Jivika Mahal
मई 6 2026अरे भाईयो अगर किसे भी दिक्कत आ रही है तो मुझे बतायें मैं मदद कर दूँगा बस अपना आधार नंबर प्राइवेसी का ध्यान रख के शेयर करें
Pradeep Maurya
मई 7 2026भारत की कृषि संस्कृति सदियों पुरानी है और सरकार को समझना होगा कि केवल पैसे भेजने से काम नहीं चलेगा, हमें मिट्टी की सेहत और सिंचाई के बुनियादी ढांचे पर भी उतना ही जोर देना होगा जितना कि इन किस्तों पर दिया जा रहा है क्योंकि बिना बुनियादी ढांचे के कोई भी आर्थिक मदद केवल अस्थायी राहत प्रदान करती है और वास्तविक विकास के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है।
Nikita Roy
मई 8 2026सब बढ़िया होगा बस सब अपना केवाईसी पूरा करलो
Priya Menon
मई 8 2026यह अत्यंत सराहनीय है कि सरकार जमीनी कार्यकर्ताओं को जोड़ रही है, किंतु प्रशासनिक स्तर पर अभी भी बहुत सारी खामियां मौजूद हैं जिन्हें दूर करना अनिवार्य है।