ऋषभ पंत से छीनी गई टेस्ट उपकप्तानी, ODI टीम से भी बाहर
ऋषभ पंत से टेस्ट उपकप्तानी छीन ली गई और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम से बाहर रख दिया गया। चयनकर्ता अजित अगरकार ने कहा कि यह टीम मैनेजमेंट की इच्छा है।
जारी रखें पढ़ रहे हैंअगर आप क्रिकेट के फैंस हैं तो ऋषभ पंत का नाम सुनते ही दिमाग में तेज़ घुंट लगाए हुए शॉट की छवि आती है। शुरुआती दिनों से ही उनका खेल अलग था – स्कूल की टीम में ही उन्होंने गति और काफ़ी सफ़लता दिखाई। अब वह भारत की मुख्य टीम में जगह बना चुके हैं और हर बार मैदान पर कुछ नया लेकर आते हैं।
ऋषभ ने 2016 में भारत के लिए वनडे डेब्यू किया और जल्द ही वह अपनी तेज़ी और स्ट्राइक‑रेट से सभी को प्रभावित कर गया। 2017 में टेस्ट डेब्यू के बाद उन्होंने बड़े मैचों में खुद को साबित किया। अब तक उन्होंने 20+ वनडे इंटर्नेशनल्स में 500 से अधिक रनों की शॉर्टलेट लिखी है और उनका औसत 30‑सिर्फ़ नहीं, बल्कि लगातार बढ़ रहा है। खास बात यह है कि वह सीमित ओवरों में भी बड़ी दबाव वाली स्थितियों को संभाल लेते हैं।
आइपीएल में उन्होंने कई टीमों के साथ खेला, पर 2022‑23 सीज़न में उनका प्रदर्शन खासा चमका। उन्होंने 300+ रनों का टियर बना कर अपनी वैल्यू बढ़ा दी। यह सीज़न उनके लिए एक बूस्टर जैसा रहा, जिससे उन्हें राष्ट्रीय टीम में लगातार जगह मिली।
अगले कुछ महीनों में ऋषभ ने एशिया कप 2022 में भारत‑पाकिस्तान सुपर फोर में अहम भूमिका निभाई। बाबर आज़म ने रिज़वान‑नवाज़ की जोड़ी बदली, लेकिन ऋषभ ने अपनी तेज़ शॉट्स और फुर्ती से गेंद को हिला दिया। उनके आक्रमण ने टीम का मोमेंट बदल दिया। ऐसे मैच उनके करियर में एक बड़ी मील का पत्थर बनेंगे।
IPL 2024 में उनके लिए कई रोमांचक अवसर आए। हर मैच में वह तेज़ रफ़्तार के साथ 30‑40 रन बनाते रहे, जिससे उनके स्ट्राइक‑रेट में और इजाफा हुआ। विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर वह इस फ़ॉर्म को बनाए रखें तो जल्द ही भारत की टेस्ट लाइन‑अप में भी उनका नाम सुनाई देगा।
भविष्य की संभावनाओं की बात करें तो कॉमेंट्री बॉक्स से अक्सर कहा जाता है – “ऋषभ पंत को बड़े मॅचों में जगह मिलना चाहिए।” उसकी गति और जोखिम लेने की इच्छाशक्ति भारतीय टीम के लिए एक नया आयाम जोड़ सकती है। युवा खिलाड़ियों के बीच वह एक रोल मॉडल बन रहा है, क्योंकि वह सिर्फ शक्ति नहीं, बल्कि लगातार मेहनत और सीखने की चाह दिखाता है।
सारांश में देखें तो ऋषभ पंत का करियर अभी भी उभर रहा है। वह अपने खेल के हर पहलू में सुधार कर रहा है – बैटिंग, फ़ील्डिंग और यहां तक कि स्लो बॉल के साथ भी। अगर आप उनके अपडेट और आँकड़े देखना चाहते हैं, तो हमारा टैग पेज नियमित रूप से नई ख़बरें जोड़ता रहता है। यहाँ पर आप उनके मैच रिव्यू, वीडियो हाइलाइट और फैन कमेंट्स भी पा सकते हैं।
तो अगली बार जब कोई बड़ा मैच आए, तो टेबल पर ध्यान दें, क्योंकि ऋषभ पंत शायद ही कभी निराश करता है। उसकी तेज़ी और आत्मविश्वास को देखिए और क्रिकेट की हर पलों का आनंद लीजिए।
ऋषभ पंत से टेस्ट उपकप्तानी छीन ली गई और उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे टीम से बाहर रख दिया गया। चयनकर्ता अजित अगरकार ने कहा कि यह टीम मैनेजमेंट की इच्छा है।
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634 दिनों बाद रेड बॉल क्रिकेट में वापसी करने वाले ऋषभ पंत का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। डुलेप ट्रॉफी के पहले राउंड के मैच में पंत सिर्फ 7 रन ही बना सके। इंडिया ए के कप्तान शुभमन गिल ने शानदार कैच लपककर उन्हें पवेलियन भेजा।
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भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के कप्तान ऋषभ पंत ने दिल्ली प्रीमियर लीग (डीपीएल) को युवा क्रिकेटरों के लिए मान्यता पाने और अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मंच के रूप में बताया है। पंत ने डीपीएल में प्रतिभाओं को देखने के लिए अपनी उत्सुकता जताई है।
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