RBSE कक्षा 9 वीं और 11वीं रिजल्ट 2026 जारी, चेक करें ऑनलाइन
दिलों को ठबकाते हुए आ गया था वह पल जिसका इंतज़ार पूरे विद्यालयी छात्र कर रहे थे। राजस्थान बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (RBSE) ने आखिरकार कक्षा 9 वीं और 11वीं के फलित जारी किए हैं। 25 मार्च, 2026 को घोषित किए गए इन परिणामों ने लाखों छात्रों और उनके माता-पिता का सिर उठा दिया है। यह सिर्फ नंबरों की बात नहीं थी, बल्कि अपने करियर के अगले स्तर पर जाने के लिए एक गतिशील कड़ी थी।
परिणाम का ऐलान RBSE कक्षा 9 वीं और 11वीं परिणाम घोषणाराजस्थान के दौरान हुआ। विद्यार्थियों के लिए यह सुविधाजनक भी था क्योंकि इस बार परिणाम स्कूल आधारित प्रणाली के तहत शाला दर्पन पोर्टल के जरिए उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि, व्यक्तिगत मार्कशीट डाउनलोड करने के लिए कुछ विशेष वेबसाइटें खुली रखी गईं ताकि हर बच्चा अपना प्रदर्शन देख सके।
परीक्षा की तिथियाँ और परिणाम की डेटा
यह तथ्य जानना जरूरी है कि बोर्ड ने यह निर्णय किस संदर्भ में लिया था। परीक्षाएं 7 मार्च से 19 मार्च, 2026 तक आयोजित हुई थीं, और अब परिणाम 25 मार्च को ही सामने आए। यानी, मूल्यांकन प्रक्रिया काफी तेजी से पूरी हुई। ऐसे समय में जब अन्य कई बोर्ड अभी भी अपने चरणों में रहते हैं, RBSE ने अपनी कार्यप्रणाली की गति दिखाई है।
व्यावहारिक रूप से, छात्रों के पास दो मुख्य विकल्प हैं परिणाम देखने के लिए। पहला है rajshaladarpan.rajasthan.gov.in, जो मुख्यतः स्कूलों के लिए डिज़ाइन किया गया है लेकिन व्यक्तियों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। दूसरा विकल्प rajeduboard.rajasthan.gov.in है, जो सीधे छात्रों को अधिकार देता है। रोल नंबर का उपयोग करके आपका स्कोर आसानी से उपलब्ध है।
पास होने की शर्तें और मार्कशीट का स्वरूप
यहाँ एक महत्वपूर्ण बात है जो सभी को समझनी चाहिए। RBSE गाइडलाइन के अनुसार, हर विषय में कम से कम 33% अंक हासिल करना अनिवार्य है, साथ ही कुल योगदान में भी यह प्रतिशत बनना जरूरी है। अक्सर छात्र किसी एक विषय में पीछे रह जाते हैं, इसलिए यह नियम स्पष्टता लाता है। यदि कोई विद्यार्थी यह मानक प्राप्त नहीं कर पाया, तो उसे पुनः परीक्षा या अन्य प्रावधानों के बारे में जानकारी मिलेगी।
मार्कशीट में आपके नाम, रोल नंबर, विद्यालय का नाम, विषयवार अंक, कुल स्कोर और ग्रेड शामिल होंगे। 'पास' या 'फेल' का स्टेटस भी साफ-साफ लिखा होगा। क्या कोई मेरिट लिस्ट होगी? इस साल नहीं। पिछले वर्षों की तरह, यह बार कक्षा 5, 8 और 10 जैसे कक्षाओं की तरह टॉपर्स की सूची जारी नहीं की जाएगी। यह परिवर्तन बहुत रोचक है और इसका मतलब है कि प्रतिस्पर्धा को कम करके विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
अन्य वर्गों और अंगणवाड़ी अपडेट्स
क्या सिर्फ 9वीं और 11वीं के ही रिजल्ट आए? ऐसा नहीं है। उसी दिन, 25 मार्च को, कक्षा 6 और 7 के परिणाम भी सामने आए। इसके अलावा, तीन से पांच वर्ष की आयु के बच्चों के अंगणवाड़ी केंद्रों में मूल्यांकन भी जारी किया गया। यह दिखाता है कि शिक्षा मंत्रालय केवल एक ही ग्रेड पर ध्यान नहीं दे रहा है, बल्कि निरंतर शिक्षा प्रक्रिया पर काम कर रहा है।
बड़ा पीटीएम (माता-पिता-शिक्षक सम्मेलन) आयोजित किया गया था जहाँ इन परिणामों की घोषणा औपचारिक रूप से हुई। इस बैठक में स्थानीय स्तर पर भी जिला सारांश उपलब्ध किए गए, जिन्हें प्रशासनिक कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। यह सुनिश्चित करता है कि जमीनी स्तर पर भी डेटा सही ढंग से ट्रैक किया जा सके।
फ्रीक्वेंटली asked Questions (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
RBSE कक्षा 9 वीं और 11वीं रिजल्ट कैसे चेक करें?
आप आधिकारिक वेबसाइटों rajshaladarpan.rajasthan.gov.in या rajeduboard.rajasthan.gov.in पर जाकर अपना रोल नंबर दर्ज करके परिणाम देख सकते हैं। स्कूल के माध्यम से भी शाला दर्पन पोर्टल के जरिए ये उपलब्ध हैं।
पास होने के लिए आवश्यक अंक क्या हैं?
छात्र को प्रत्येक विषय में और कुल मिलाकर कम से कम 33% अंक प्राप्त करने चाहिए। यदि किसी विषय में इससे कम अंक आते हैं, तो छात्र उस परीक्षा में असफल माना जाता है।
क्या टॉपर्स की सूची जारी होगी?
नहीं, इस बार मेरिट लिस्ट या टॉपर्स के नाम जारी नहीं किए जा रहे हैं। परिणाम केवल व्यक्तिगत मार्कशीट के रूप में उपलब्ध होंगे, जिसका उद्देश्य प्रतिस्पर्धा को कम करना है।
क्या अन्य कक्षाओं के परिणाम भी आए हैं?
हाँ, 25 मार्च को कक्षा 6 वीं और 7 वीं के परिणाम भी जारी किए गए हैं। इसके साथ ही अंगणवाड़ी केंद्रों में 3 से 5 वर्ष के बच्चों का मूल्यांकन भी उपलब्ध है।
17 टिप्पणि
Boobalan Govindaraj
मार्च 26 2026आजकल के बच्चों पर जो दबाव पड़ता है वो समझने से कहीं बाहर होता है फिर भी जब रिजल्ट आता है तो घर का माहौल बदल जाता है मेरा मानना है कि मेरिट लिस्ट न लगाना सही कदम है हर बच्चे को अपनी जगह मिलनी चाहिए अगर किसी ने अच्छे अंक लगे हैं तो खुशी होनी चाहिए लेकिन कम आई ग्रेड वाले बच्चों को डरना नहीं चाहिए बोर्ड ने शाला दर्पन पोर्टल का इस्तेमाल बहुत अच्छा किया है इससे स्कूलों को भी काम आसान हुआ होगा कुछ लोग शिकायत कर रहे हैं कि वेबसाइट स्लो है ये छोटी बातें हैं जो ठीक होंगी धीरे धीरे माता पिता को शांत रहना चाहिए और बच्चों को समझाना चाहिए यह रिजल्ट सिर्फ एक नंबर नहीं बल्कि एक सीख है हमें प्रोत्साहन देना चाहिए न कि डराना है भविष्य में कई बार ऐसे मौके आएंगे इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है मुझे लगता है यह नया नियम सबके लिए बेहतर फल देगा
mohit saxena
मार्च 27 2026वेबसाइट पर लॉगिन करवाते वक्त थोड़ी देरी हो सकती है फिर भी आपका रोल नंबर तैयार रखें अगर पेज नहीं खुले तो ब्राउज़र कैश साफ कर लें शाला दर्पन पर सीधे विद्यालय का चयन करना याद रखना होगा
Vikram S
मार्च 28 2026यह व्यवस्था पूरी तरह ही गलत है!!! यदि मेरिट लिस्ट नहीं होगी तो उत्कृष्ट छात्रों को कैसे पहचाना जाएगा??? प्रतिस्पर्धा ही प्रगति की कुंजी है!!! हमें ऐसी नीति से बचना चाहिए जो औसत को बढ़ावा देती है!!! यह राष्ट्रीय पाठ्यक्रम के लिए हानिकारक हो सकता है!!! सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए!!!
Sandeep YADUVANSHI
मार्च 28 2026मेरिट लिस्ट की जगह निजी योगदान ज्यादा मायने रखता है
Shankar Kathir
मार्च 30 2026यह तर्क गलत दिशा में ले जा रहा है हमें शिक्षा की संरचना को समझना चाहिए प्रतियोगिता हमेशा अच्छी नहीं होती कभी कभी यह मनोविज्ञान को बिगड़ती है बच्चों के दिमाग पर असर पड़ता है मैंने अपने अनुभव से देखा है जिस बच्चे को टॉपर बनाया गया वह नीच महसूस करता है दूसरे बच्चे भी अपना आत्मविश्वास खो देते हैं इस तरह का वातावरण स्वस्थ नहीं बनता अब यह बदलावी जरुरी थी नई तकनीक के साथ नए तरीके आए हुए हैं हमें पुरानी सोच को छोड़ना पड़ेगा रिजल्ट चेक करने के बाद भी वही बात नहीं होगी जीवन में बहुत सारे मोड़ होते हैं हमें उन्हें स्वीकार करना सीखना चाहिए यह सही समय था कि ऐसा फैसला लिया गया
Mona Elhoby
मार्च 30 2026सरकारी योजनाओं में कभी कोई खाकी नहीं होती
nithin shetty
मार्च 30 2026यह थोड़ा झूठा दावा है क्योंकि अन्य वर्गों के परिणाम भी उसी दिन जारी किए गए थे जो 25 मार्च को सामने आए थे और उनमें स्पष्ट रूप से मूल्यांकन प्रक्रिया दिखाई गई थी इसलिए पूरे साल में कुछ काम हुआ है
aneet dhoka
मार्च 31 2026मुझे लगता है कि इसके पीछे कुछ राज हो सकता है शायद वे डेटा को हटाने के लिए यह कर रहे हैं ताकि कोई तुलना न कर सके यह एक प्रकार का षड्यंत्र लगता है जो जनता को धोखा देने की कोशिश कर रहा है हमें सतर्क रहना चाहिए
Ayushi Kaushik
अप्रैल 1 2026अरे भाई चिंता मत करो बस अपने काम पर ध्यान दो जो भी हो क्या गया हमारी मेहनत हमारी है किसी भी गड़बड़ी को लेकर ऊपर नहीं जाना चाहिए बस शांति बनाये रखना चाहिए और आगे के लिए प्लान बनाना चाहिए
Rakesh Pandey
अप्रैल 2 2026थोड़ा आराम करते हैं अब रिजल्ट आ चुका है अब तो बस आगे देखना है
Divyanshu Kumar
अप्रैल 4 2026यह सही कहा कि आगे देखना है क्युनकी भविष्य में हमारा करियर निर्भर करेगा परन्तु अभी थोड़ी देर को हमें आराम लेना चाहीऐ
Vishala Vemulapadu
अप्रैल 4 2026educational assessment protocols according to the curriculum framework show significant shifts here performance metrics indicate a move away from summative evaluation towards formative assessment patterns across the state board data repository suggests improved retention rates when competitive pressure is reduced during critical developmental stages
Rahul Sharma
अप्रैल 4 2026सब इस जर्गन को समझ नहीं सकते इसे आम भाषा में कहते हैं तो बच्चे कम स्ट्रेस में रहेंगे यह अच्छा काम है अगर बोर्ड ने ऐसा किया है तो हमें सहयोग करना चाहिए और बच्चों को समझाना चाहिए कि इसका फायदा क्या है
Krishnendu Nath
अप्रैल 5 2026हे भायो उठो और तैयारी शुरू करो यह रिजल्ट सिर्फ शुरुआत है अब पढ़ाई में लग जाना जरुरी है भरोसा रखो खुद पे काम लगाओ
dinesh baswe
अप्रैल 7 2026हाँ बिल्कुल सही कही आपने
Bhoopendra Dandotiya
अप्रैल 7 2026शिक्षा एक यात्रा है और यह रिजल्ट सिर्फ एक रस्ते का पथदर्शक है जैसे पेड़ के फल पहले ही पक्के होने चाहिए तभी मीठा स्वाद मिलता है वैसा ही यहाँ भी समय देना पड़ेगा विकास को हमें धैर्यवान रहना चाहिए
Firoz Shaikh
अप्रैल 8 2026यह तुलना बहुत ही उचित और गहरी है जैसा आपने पेड़ की तरह शिक्षा की व्याख्या की है मैं पूर्णतः सहमत हूँ कि परिणाम केवल एक बिंदु हैं हमें यह मानना चाहिए कि हर बच्चा अलग है और उसके विकास की अपनी दर होती है समाज को भी इस बात को समझना होगा कि स्कोर सिर्फ अंक नहीं हैं यह जीवन कौशल का एक हिस्सा है जिससे व्यक्ति आगे बढ़ता है हमें बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण पर अधिक ध्यान देना चाहिए न कि केवल किताबी ज्ञान पर यही सही राह है और इस व्यवस्था का लाभ हम सभी उठा सकते हैं यदि हम सभी मिलकर कोशिश करें