रेखा गुप्ता बनी दिल्ली की मुख्यमंत्री, केजरीवाल की छाप बाकी

रेखा गुप्ता बनी दिल्ली की मुख्यमंत्री, केजरीवाल की छाप बाकी

रेखा गुप्ता बनी दिल्ली की मुख्यमंत्री, केजरीवाल की छाप बाकी

दिल्ली की राजनीति में बड़ा बदलाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की शानदार जीत के बाद रेखा गुप्ता ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जिससे दल ने 27 साल बाद सत्ता में वापसी की है। गुप्ता के मुख्यमंत्री बनने के बाद एक नया राजनीतिक युग शुरू होता दिखा। मुख्यमंत्री कार्यालय में उन्होंने अरविंद केजरीवाल के कार्यकाल के निशान देखे। वहाँ केजरीवाल की तस्वीरें और यादें बसी हुई थीं, जो पिछले सरकार के प्रभाव को दर्शाती थीं।

इसके अतिरिक्त, कार्यालय में स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह और संविधान निर्माता बीआर अंबेडकर की तस्वीरें भी थीं। ये दर्शाती हैं कि कैसे दिल्ली की राजनीति में ऐतिहासिक दूरदर्शिता और नए शासन की प्राथमिकताएँ एक साथ मिलकर काम कर रही हैं।

नई प्राथमिकताएँ और योजनाएँ

नई प्राथमिकताएँ और योजनाएँ

रेखा गुप्ता ने दिल्ली की विकासात्मक चुनौतियों का सामना करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के साथ सिंक में काम करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने जोर दिया कि उनकी सरकार का ध्यान प्रमुखता से अवसंरचना और पर्यावरणीय सुधारों पर होगा।

उनकी टीम ने विकास योजनाओं को तेजी से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे संकेत मिलता है कि अब दिल्ली की प्रशासनिक दिशा में बड़ा बदलाव आएगा, भले ही ये पिछली सरकारों की छवि को अपनाने का प्रयास कर रहा हो। गुप्ता ने यह स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण सुधार उनकी सरकार की प्राथमिकता होगी, जिससे दिल्लीवासियों के जीवन में सुधार लाया जा सके।

5 टिप्पणि

  • Sahaj Meet

    Sahaj Meet

    मार्च 12 2025

    भाई ये तो बड़ी बात है! 27 साल बाद BJP को सत्ता मिली है और रेखा गुप्ता ने जो शपथ ली है, उसमें भगत सिंह और अंबेडकर की तस्वीरें भी लगी हुई हैं... ये दिल्ली की राजनीति का नया अध्याय है। अब देखना है कि वो अवसंरचना और पर्यावरण पर असली काम कर पाती हैं या फिर सिर्फ तस्वीरों का खेल चलता रहेगा।

  • Madhav Garg

    Madhav Garg

    मार्च 12 2025

    रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली की प्रशासनिक दिशा बदलने की संभावना है, विशेषकर अवसंरचना और पर्यावरणीय सुधारों के क्षेत्र में। पिछली सरकार के निशान बरकरार रखना ऐतिहासिक संतुलन का संकेत है, जो नवीनता और विरासत के बीच समझदारी दिखाता है।

  • Sumeer Sodhi

    Sumeer Sodhi

    मार्च 13 2025

    अरे ये सब बकवास है। तस्वीरें लगाना क्या है? क्या भगत सिंह की तस्वीर लगा दी तो पानी की समस्या हल हो जाएगी? केजरीवाल की छाप उतारने की बजाय अगर वो असली काम करतीं तो बात बदलती। लोगों को गर्म लग रहा है कि नई सरकार बदल गई, पर दिल्ली के गलियों में अभी भी गंदगी और पानी की कमी है। बस तस्वीरें बदल गईं, नीतियाँ नहीं।

  • Vinay Dahiya

    Vinay Dahiya

    मार्च 14 2025

    ये सब बहुत अच्छा लग रहा है... लेकिन अगर आप वास्तव में अवसंरचना पर ध्यान देना चाहते हैं, तो आपको पहले दिल्ली के 12 जिलों की डेटा बेस अपडेट करनी होगी! और पर्यावरणीय सुधार? क्या आप जानते हैं कि दिल्ली में PM2.5 का स्तर अभी भी WHO के मानक से 8 गुना ज्यादा है? तस्वीरें लगाने से हवा साफ नहीं होगी! ये सब नाटक है! और भगत सिंह की तस्वीर? वो तो अपने जीवन में असली काम करते थे, आज के नेता तस्वीरों में जीते हैं!

  • Sai Teja Pathivada

    Sai Teja Pathivada

    मार्च 15 2025

    ये सब बस धोखा है... मैंने अपने भाई को बताया था कि ये सरकार बनने वाली है। लोगों को लगता है कि रेखा गुप्ता बदलाव लाएंगी, पर असल में ये सब बीजेपी का नया प्रचार है। तस्वीरें? अंबेडकर? भगत सिंह? ये सब तो बस वो हैं जिन्हें आजकल सब चिपका देते हैं जब चाहें। अगर वो असली बदलाव लातीं तो पहले दिल्ली के बस स्टॉप्स पर बिजली लगातीं... अब तक बिजली नहीं लगी! ये सब फिल्मी नाटक है... और फिर भी लोग इस पर भरोसा कर रहे हैं 😔

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