मुकुंद कुमार ने IND-A बनाम AUS-A अनऑफिशियल टेस्ट में पेश की खेल भावना की मिसाल

मुकुंद कुमार ने IND-A बनाम AUS-A अनऑफिशियल टेस्ट में पेश की खेल भावना की मिसाल

मुकुंद कुमार ने IND-A बनाम AUS-A अनऑफिशियल टेस्ट में पेश की खेल भावना की मिसाल

मुकुंद कुमार की अनोखी खेल भावना

भारतीय क्रिकेट के रोमांचक माहौल में, मुकुंद कुमार का एक अनोखा और दिल को छू लेने वाला क्षण उस समय सामने आया जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ अनऑफिशियल टेस्ट के दौरान ग्राउंड्समैन के साथ मिलकर पिच की मरम्मत की। यह न सिर्फ खेल भावना को दर्शाता है, बल्कि यह खिलाड़ियों और ग्राउंड स्टाफ के बीच की सामंजस्य को भी दर्शाता है।

इस मैच के दौरान भारतीय गेंदबाजों को काफी मेहनत करनी पड़ी, खासकर जब ऑस्ट्रेलिया ए की दूसरी पारी में वे विकेट लेने में संघर्ष कर रहे थे। इसी दौरान मुकुंद को पिच पर एक बड़ा हथौड़ा लेकर उस जगह की मरम्मत करते देखा गया, जहां गेंदबाज अपने पैर रखते हैं।

मैच का रोमांचक मोड़

भारत ए की टीम ने मुश्किल परिस्थितियों में वापसी की। पहली पारी में सिर्फ 107 रन बनाकर आउट होने के बाद, दूसरी पारी में उन्होंने 312 रन का स्कोर खड़ा किया। इसका श्रेय मुख्य रूप से साई सुदर्शन (103) और देवदत्त पडिक्कल (88) की नाबाद 178 रन की साझेदारी को जाता है।

मुकुंद ने ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 46 रन देकर छह विकेट लिए, जिससे मेहमान टीम की बढ़त को केवल 88 रन तक सीमित किया जा सका। इस प्रकार, उन्होंने अपने हरफनमौला प्रदर्शन से टीम को मजबूती दी।

दिन 3 के अंत तक ऑस्ट्रेलिया ए को 86 रन चाहिए थे और उनके पास 7 विकेट शेष थे। नाथन मैकस्विनी (47) और ब्यू वेबस्टर (19) क्रीज पर बने हुए थे, दोनों ने मिलकर चौथे विकेट के लिए 54 रन की साझेदारी की।

इस तरह मुकुंद कुमार का यह कदम खेल में तनाव के समय भी खिलाड़ियों के बीच अच्छे संबंधों और सहयोग की भावना को उजागर करता है, जो प्रतिस्पर्धा के दौरान अनायास नहीं दिखता।

19 टिप्पणि

  • Priyanshu Patel

    Priyanshu Patel

    अप्रैल 1 2025

    ये तो असली खेल की भावना है। ग्राउंड्समैन के साथ हाथ मिलाकर पिच मरम्मत करना, ये कोई शो नहीं, ये इंसानियत है।

  • Vishnu Nair

    Vishnu Nair

    अप्रैल 1 2025

    इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक इंटरवेंशन हो सकता है, जैसे कि BCCI के लिए ऑस्ट्रेलियाई बॉलर्स के साथ सामंजस्य बनाने का एक लंबी अवधि का स्ट्रैटेजिक प्लान, जिसमें खेल के बाहर के फैक्टर्स जैसे टेस्ट सीरीज के लिए डॉक्यूमेंटेशन और डिप्लोमेटिक रिलेशन्स को फॉर्मलाइज़ करने का निश्चय हो सकता है, जिसके लिए मुकुंद कुमार का ये कदम एक सिंबोलिक गेस्चर है जो आधिकारिक रूप से नहीं दिखता लेकिन बहुत ज्यादा मायने रखता है।

  • Kamal Singh

    Kamal Singh

    अप्रैल 2 2025

    मुकुंद का ये काम बस एक बड़ा बॉल नहीं, बल्कि एक छोटी सी आग है जो खेल के दिल में जल रही है। जब खिलाड़ी अपने ग्राउंड स्टाफ को अपना हिस्सा मान लेते हैं, तो खेल बस एक गेम नहीं रह जाता, बल्कि एक परिवार बन जाता है। ये वो चीज है जो हमें अपने बच्चों को सिखानी चाहिए।

  • Jasmeet Johal

    Jasmeet Johal

    अप्रैल 3 2025

    ये सब नाटक है खिलाड़ी तो बस अपना नाम बनाना चाहते हैं

  • Abdul Kareem

    Abdul Kareem

    अप्रैल 4 2025

    मुकुंद की गेंदबाजी का स्कोर देखकर लगता है कि वो बस एक बल्लेबाज नहीं, बल्कि एक टीम का दिल है। इतनी मेहनत के बाद भी इतना शांत रहना, ये तो असली कप्तानी है।

  • Namrata Kaur

    Namrata Kaur

    अप्रैल 4 2025

    इतनी अच्छी बात है लेकिन अब इसका फॉलोअप क्या है? क्या ये आम बनेगा?

  • indra maley

    indra maley

    अप्रैल 6 2025

    कभी-कभी जब बल्ले और गेंद रुक जाते हैं तो इंसान अपने आप को पहचानता है। मुकुंद ने उसी पल अपने आप को खोज लिया।

  • Kiran M S

    Kiran M S

    अप्रैल 6 2025

    मुकुंद कुमार का ये काम एक आधुनिक युग में एक विरल घटना है। जहां हर कोई वायरल होने के लिए नाटक करता है, वहीं वो बिना किसी ब्रांडिंग के, बिना किसी लाइव स्ट्रीम के, बस एक ग्राउंड्समैन के साथ एक बड़े हथौड़े के साथ खड़ा हो गया। ये न तो इंस्टाग्राम का फोटो है, न ही टिकटॉक का ट्रेंड। ये एक वास्तविकता है।

  • Paresh Patel

    Paresh Patel

    अप्रैल 7 2025

    ये देखकर लगता है कि हमारा क्रिकेट अभी भी दिल से खेला जा रहा है। बहुत अच्छा हुआ कि कोई याद दिला गया कि खेल के पीछे इंसान होते हैं।

  • anushka kathuria

    anushka kathuria

    अप्रैल 8 2025

    मुकुंद कुमार के इस कार्य को विश्लेषणात्मक रूप से देखा जाए तो यह खेल के अंतर्गत आधिकारिक और अनौपचारिक शक्ति संरचनाओं के बीच संतुलन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

  • Sanjay Singhania

    Sanjay Singhania

    अप्रैल 9 2025

    kya bhai ye sab jhooth hai ya real? koi video hai kya? koi bhi kuch bhi bolta hai ab to

  • Raghunath Daphale

    Raghunath Daphale

    अप्रैल 10 2025

    बस एक बार दिखाने के लिए ऐसा किया होगा। असली खेल तो बाद में दिखता है।

  • Renu Madasseri

    Renu Madasseri

    अप्रैल 11 2025

    ये बात अगर गांवों में बच्चों को सिखा दी जाए तो भारत का क्रिकेट दुनिया का सबसे अच्छा हो जाएगा। इंसानियत से शुरू होता है, न कि बैट से।

  • Aniket Jadhav

    Aniket Jadhav

    अप्रैल 12 2025

    मुकुंद के बाद देखो अब बाकी खिलाड़ी भी इस तरह करने लगेंगे। एक छोटा सा कदम बड़ी बदलाव ला सकता है।

  • Anoop Joseph

    Anoop Joseph

    अप्रैल 12 2025

    अच्छा काम हुआ।

  • Kajal Mathur

    Kajal Mathur

    अप्रैल 13 2025

    एक अनौपचारिक मैच में ऐसा करना एक नाटकीय अभिनय है, जिसका उद्देश्य आधिकारिक संस्थानों के सामने एक नाटकीय बयान देना है।

  • rudraksh vashist

    rudraksh vashist

    अप्रैल 14 2025

    अगर ये सब लोग अपने घरों में भी इतना सम्मान देते तो जिंदगी बहुत अच्छी होती।

  • Archana Dhyani

    Archana Dhyani

    अप्रैल 14 2025

    ये सब बस एक फैशन है। अब तो हर कोई अपने आप को एक सामाजिक नेता बताना चाहता है। एक बार दिखाने के लिए ये सब किया गया, लेकिन जब लोग भूल जाएंगे, तो वापस वही राजनीति चलेगी। इंसानियत को बाजार में बेच रहे हैं।

  • Guru Singh

    Guru Singh

    अप्रैल 14 2025

    मुकुंद के इस काम का वास्तविक अर्थ उसके बाद के खेल में दिखेगा। जब दूसरे खिलाड़ी उसकी ओर देखेंगे और खुद को उसके बराबर समझेंगे, तब ये एक बदलाव बनेगा।

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